Sunday, October 28, 2018

मच्छरात्मकता

शान्ति से आलआऊट पीकर
दीवार पर बैठे मच्छर को
ऊंगली से कोंच कर मार दिया मैंने !

समझ नहीं आता
क्या ठीक किया मैंने !

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#कुकविता

Monday, October 8, 2018

दो कविताएं

दो कविताओं के लिखे जाने के बीच का समय
अब बढ़ गया है

जीवन ये ही है
इस वाक्य के बाद
चिह्न कौन सा खड़ा करू ?

विस्मयादिबोधक ? प्रश्नवाचक ? पूर्णविराम ?
क्या ?

दो कविताओं के बीच का समय
यही खोया हुआ चिन्ह
लील जाता है