शान्ति से आलआऊट पीकर
दीवार पर बैठे मच्छर को
ऊंगली से कोंच कर मार दिया मैंने !
समझ नहीं आता
क्या ठीक किया मैंने !
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#कुकविता
शान्ति से आलआऊट पीकर
दीवार पर बैठे मच्छर को
ऊंगली से कोंच कर मार दिया मैंने !
समझ नहीं आता
क्या ठीक किया मैंने !
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#कुकविता
दो कविताओं के लिखे जाने के बीच का समय
अब बढ़ गया है
जीवन ये ही है
इस वाक्य के बाद
चिह्न कौन सा खड़ा करू ?
विस्मयादिबोधक ? प्रश्नवाचक ? पूर्णविराम ?
क्या ?
दो कविताओं के बीच का समय
यही खोया हुआ चिन्ह
लील जाता है