Sunday, May 20, 2018

तनख़्वाह

अगले महीने की तनख़्वाह जोहते हम 
भूल जाते हैं अक्सर 
कि अगले महीने की तनख़्वाह के साथ 
कम हो जाएँगे 
हमारी ज़िंदगी के एक महीने ! 

सिर्फ़ तनख़्वाह के लिए 
वक़्त को इतनी जल्दी 
बीत जाने देने का उतावलापन 

क्या कुछ ज़्यादा महँगा नहीं? 

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