Monday, January 26, 2009

जन-गण-मन -अधिनायक जय हे ।

"जन-गण-मन -अधिनायक जय हे ।
भारत भाग्य विधाता । ।
पंजाब सिन्धु गुजरात मरठा ।
द्राविड़ उत्कल बंग । ।
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा,
उच्छल जलधि तरंग । ।
तव शुभ नामे जागे ,
तव शुभ आशिष मांगे । ।
गाहे तव जय गाथा । ।
जन-गण-मंगलदायक जय हे ,
भारत भाग्य विधाता । ।
जय हे ,जय हे , जय हे ,
जय जय जय जय हे । । "

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4 comments:

  1. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

    ---आपका हार्दिक स्वागत है
    गुलाबी कोंपलें

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  2. यह क्या पढ़ा गये? खामखाह खड़ा होना पड़ा। अभी हममें कुछ देश-भक्ति बाकी है।

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  3. बहुत अच्‍छा.....गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

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